विद्यालय पत्रिका
किसी भी विद्यालय की पत्रिका उस विद्यालय का दर्पण होती है, उसी से विद्यालय की सांस्कृतिक, शैक्षणिक, खेलकूद एवं अनेक रचनात्मक गतिविधियों के साथ-साथ साहित्यिक अभिरुचि का भी पता चलता है | विद्यालय पत्रिका इस बात का प्रमाण होती है कि शिक्षार्थियों के समुचित सकारात्मक सर्वांगीण एवं सृजनात्मक विकास हेतु विद्यालय परिवार प्रतिबद्ध है | विद्यालय पत्रिका छात्रों की लेखनी से निकली नवीन रचनाओं का संकलन मात्र नहीं होता है अपितु विद्यार्थियों की सृजनात्मक रचना के आकलन का दर्पण है । पत्रिका में अपने मौलिक एवं स्तरीय लेख, रचनाएं देखकर विद्यार्थी गौरव का अनुभव करते हैं तथा उनमें एक नई प्रेरणा जागृत होती है जो सृजनात्मक जिजीविषा का संचार करती है। शिक्षा कक्षा की चार दिवारी तक ही सीमित नहीं है बल्कि यह उस परे है । यह एक निर्धारित पाठ्यक्रम तक भी सीमित नहीं है। विद्यालय पत्रिका विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के उद्देश्यों की पूर्ति के साधन का एक हिस्सा है । विद्यालय पत्रिका बालमन की कोमल भावनाओं के फूटते अंकुर का पोषण करती है ।
विद्यालय ई-पत्रिका का प्रकाशन जनवरी माह में संभावित है ।