प्राचार्य
शिक्षा सबसे अच्छी मित्र है। एक शिक्षित व्यक्ति का हर जगह सम्मान किया जाता है। शिक्षा सुंदरता और युवाओं को हरा देती है।
– चाणक्य
शिक्षा हर किसी के जीवन का अभिन्न अंग है, इसके बिना जिंदगी की कल्पना भी नहीं की जा सकती है। शिक्षा न सिर्फ व्यक्ति को जीवन की गहराई को समझाती है, बल्कि व्यक्ति के अंदर सोचने, समझने और सीखने की कला विकसित करती है। शिक्षा, व्यक्ति को एक सभ्य और सफल इंसान बनाने में मद्द करती है। शिक्षा का अर्थ मात्र कुछ शब्दों को रट लेना और उसके बाद अच्छे अंक प्राप्त करना भर ही नहीं है। शिक्षा तो वह चीज है जिससे सबका भला किया जा सके। शिक्षा हर व्यक्ति के जीवन में एक महत्वपूर्ण अध्याय है। शिक्षा के द्धारा ही देश औऱ समाज में परिवर्तन लाया जा सकता है। ज्ञान की शक्ति, समृद्धि का माध्यम, समाज के विकास का आधार, नैतिक मूल्यों का सफल अनुसरण, विज्ञान के क्षेत्र में अग्रणीता, सृजनशील और नवाचारी सोच शिक्षा के माध्यम से ही संभव है।हमारे विद्यालय में नयी शिक्षा नीति 2020 की सिफारिश के अनुरूप कक्षा एक में प्रवेश आयु 6 वर्ष से ऊपर करने के साथी शिक्षक को विभिन्न चरणों में बांटा गया है। विद्यार्थियों में सीखने की क्षमता बढ़ाने के लिए निपुण पहल भी की गई है। कक्षाओं के आधार पर निपुण और दक्षता लक्ष्य भी तय किए गए हैं । विद्यालय में कक्षा आठवीं से व्यावसायिक शिक्षा का कार्यान्वयन और बच्चों की स्कूल अवधि के दौरान कौशल विकसित करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को एक व्यवसाय विषय के रूप में प्रस्तुत किया गया है । पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय मंडला शिक्षा मंत्रालय और कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय के निदेशानुसार स्कूल से बाहर शिक्षा से बाहर के तहत पायलट प्रोजेक्ट के अंग के रूप में युवा कौशल प्रदान करने के लिए कौशल केंद्र शुरू किया गया है। विद्यालय में छात्रों के अनुकूल शिक्षण माहौल बनाने के लिए बुनियादी ढांचे के विकास में निवेश किया जा रहा है। इसमें कई कक्षाओं प्रयोगशालाओं और पुस्तकालयों के निर्माण के साथ-साथ की पुस्तक और ऑनलाइन शिक्षण प्लेटफार्म जैसे डिजिटल संसाधनों का प्रावधान शामिल है।
परिवर्तन के इस नए युग में स्वयम को ढालने में , इन परिवर्तनों का अंश बनने और एक नए इतिहास रचने के लिए सभी को शुभकामनायें|